Jan 30, 2018

Lunar Eclipse 2018: कहां दिखेगा पहले चन्द्रग्रहण, किस राशि पर अधिक असर

माघ पूर्णिमा 31 जनवरी 2018 को साल का पहला चन्द्रग्रहण लगेगा जिसे दुनिया के कई देशों के अलावा भारत में देखा जा सकेगा। ग्रहण के समय चन्द्रमा पृथ्वी के करीब होने के कारण काफी बड़े आकार का दिखेगा जिसे सुपर मून भी कहा जा रहा है। ज्योतिषशास्त्री कह रहे हैं कि कुछ समय के लिए ग्रहण के दौरान चन्द्रमा लालिमा लिए नजर आएगा जो सैनिकों, कृषकों के लिए शुभ फलदायी नहीं है। 

ग्रहण शुरू होने का समय 5 बजकर 18 मिनट 27 सेकंड है। इस ग्रहण का आरंभ भारत के असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम, पश्चिम बंगाल में देखा जा सकेगा। अन्य राज्यों में चन्द्रमा ग्रहण मे ही उदित होगा
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माघ पूर्णिमा के दिन चन्द्रग्रहण का लगना एक दिव्य संयोग माना जा रहा है। इस अवसर पर स्नान और दान-पुण्य का लाभ सामान्य दिनों से कई गुणा अधिक प्राप्त होगा। लेकिन दान पुण्य करने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जो भी करना हो वह सुबह 8 बजे से पहले करलें। 

वैसे शास्त्रों के दिशानिर्देश के अनुसार ग्रहण के मौके पर दान करने के लिए सबसे उत्तम समय वह माना गया है जब ग्रहण का मोक्ष काल समाप्त हो जाता है। यानी ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करना चाहिए। इस नियम के अनुसार 31 जनवरी की रात 8 बजकर 41 मिनट 11 सेकंड के बाद स्नान करके दान करना उत्तम फलदायी रहेगा। 
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शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि ग्रहण से पूर्व और इसके बाद भी स्नान करना चाहिए इसलिए जो लोग माघ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान करना चाह रहे हैं उनके लिए पूरा दिन स्नान के लिए शुभ रहेगा। 

एक नजर में चन्द्रग्रहण का समय 
ग्रहण का स्पर्श कालः- शाम 5 बजकर 18 मिनट 27 सेकंड 
खग्रास आरंभः- शाम 6 बजकर 21 मिनट 47 सेकंड 
ग्रहण मध्यः शाम 6 बजकर 59 मिनट 50 सेकंड 
खग्रास समाप्तः शाम 7 बजकर 37 मिनट 51 सेकंड 
ग्रहण मोक्षः रात 8 बजकर 41 मिनट 11 सेकंड 

ग्रहण काल में क्या करेंः 
चन्द्रग्रहण कर्क राशि में लग रहा है। ग्रहण के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए चन्द्रमा का मंत्र- 'ओम सोम सोमाय नमः' का जितना हो सके जप करें। 
महामृत्युंजय मंत्र और अपने ईष्टदेवता एवं राशि का मंत्र जपना शुभ रहेगा। 
इस साल का पहला चंद्रग्रहण बुधवार को लगेगा। लोग सुपर ब्लड ब्लू मून देखने को लेकर काफी उत्साहित हैं। इसके लिए बाकायदा स्कूलों में तैयारियां की गई हैं, जहां से बच्चे चांद का दीदार कर सकेंगे। खगोलविदों ने बताया कि इस दिन चंद्रमा के तीनों ही कलेवर सुपर मून, ब्लू मून और ब्लड मून एक साथ दिखाई देंगे। ऐसी घटना 35 वर्षों के बाद हो रही है। इससे पहले एशिया में वर्ष 1982 में यह घटना देखने के लिए मिली थी। 31 जनवरी को शाम करीब 5:55 से लेकर 8:40 चांद का खास दीदार कर सकेंगे। 

गुड़गांव में शीतला माता मंदिर के पुजारी राकेश ने बताया कि ग्रहण के चलते बुधवार को सुबह साढ़े 8 बजे से पहले ही आरती की जाएगी। ऐसे में अगर कोई मंदिर में पूजा करने आना चाहता है तो वह 8 बजे से पहले आ सकते हैं। इसके बाद कपाट पूर्ण रूप से बंद हो जाएंगे। रात को 9 बजे कपाट खुलेंगे। इसके बाद रात 9 बजे के बाद स्नान आदि करवाकर भगवान की आरती की जाएगी।

ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम का कहना है कि यह ग्रहण ब्लू मून कहलाएगा। ब्लू मून अर्थात एक माह में दो बार फूल मून यानी पूर्णिमा का होना, ब्लू मून कहलाता है। जनवरी माह में दो बार पूर्णिमा आई है, पहली पूर्णिमा 2 जनवरी को थी, और दूसरी 21 जनवरी को, इसलिए यह ग्रहण खास होगा। 

विज्ञान का तर्क 
चंद्र ग्रहण को लेकर गायनी एक्सपर्ट डॉ़ हरप्रीत ने बताया कि यह एक खगोलीय घटना है। गर्भवती महिलाओं पर ग्रहण का कोई असर नहीं पड़ता। ये सब भ्रांतियां है। मेडिकल साइंस इस प्रकार की किसी भी थिअरी को नहीं मानता। सूर्य ग्रहण का असर भी केवल आंखों पर होता है। गर्भवती महिला या बच्चों पर इसका कोई असर नहीं होता। ऐसे में उन्हें भी खुलकर रहने की जरूरत है। 

सिविल अस्पताल की चिकित्सक डॉ सुनीता शर्मा ने चंद्र ग्रहण के दौरान खाना न खाने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। विज्ञान में इस बात को कोई महत्व नहीं दिया जाता। चंद्रग्रहण के दौरान लोगों को रोजाना की तरफ खाना पीना चाहिए और अन्य दैनिक क्रियाएं करनी चाहिए। नंगी आंखों से ग्रहण के समय चांद को नहीं देखना चाहिए। 12 घंटे तक खाली पेट रहने से बीमार पड़ने का खतरा रहता है। अधिक समय तक मलमूत्र रोकने से इन्फेक्शन आदि का डर रहता है।


ग्रहण के समय क्या करें क्या न करें 
- ग्रहण में सभी वस्तुओं में कुश व तुलसी का पत्ता डाल देनी चाहिए, क्योंकि कुश से दूषित किरणों का प्रभाव नहीं पड़ता है। 
- सूतक लगने के बाद तुलसी के पेड़ को नहीं छूना चाहिए। 
- कैंची, चाकू या फिर किसी भी धारदार वस्तु का प्रयोग नहीं करें। 
- किसी भी भगवान की मूर्ति और तस्वीर को स्पर्श नहीं चाहिए। 
- सूतक लगने के बाद छोटे बच्चों, बुजुर्ग व रोगी के अलावा किसी व्यक्ति को भोजन नहीं करना चाहिए। 
- भोजन पकाना व सोना नहीं चाहिए। 
- भजन, पाठ, मंत्र, जप सभी धर्मों के व्यक्तियों को करना चाहिए। 
- जाप, मंत्रोच्चारण, पूजा-पाठ और दान फलदायी होता है। 
- ग्रहण मोक्ष के बाद घर में सभी वस्तुओं पर गंगा जल छिड़कना चाहिए। 
- ग्रहण मोक्ष के बाद स्नान आदि कर के भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए। 
- ग्रहण से पहले के तैयार भोजन को फेंक दे। 
- किसी भी प्रकार के शुभ कार्य न करें।

चन्द्रग्रहण का राशियों पर प्रभाव देखिएः- 
मेषः आपके लिए ग्रहण का फल शुभ रहेगा। आपके काम सफल होंगे। कार्यक्षेत्र में प्रगति होगी और लाभ मिलेगा। 
वृषः आपकी राशि से तीसरे घर में हो रहा चन्द्रग्रहण आपके लिए कई मामलों में अनुकूल रहेगा। कहीं से धन लाभ मिल सकता है। 
मिथुनः आपको यात्रा करनी पड़ सकती है। आर्थिक मामलों में सजग रहना होगा, नुकसान हो सकता है। 
कर्कः स्वास्थ्य में उतार-चढाव की स्थिति का सामना करना होगा। दुर्घटना के प्रति भी आपको सजग रहने की जरूरत है। गुप्तरोग की शिकायत हो सकती है। 
सिंहः आपको धन के मामले में नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। स्वास्थ्य प्रभावित होगा। मानसिक चिंता से परेशान हो सकते हैं। 
कन्याः यह चन्द्रग्रहण आपके लिए अनुकूल रहेगा। सुख-सुविधा के साधनों में वृद्धि होगी। धन लाभ मिलेगा। पारिवारिक जीवन में सद्भाव बना रहेगा। 
तुलाः सेहत का ध्यान रखना होगा। कार्यक्षेत्र एवं जीवन के दूसरे क्षेत्रों में संघर्ष करना पड़ सकता है। किसी बात को लेकर मन में भय बना रहेगा।
वृश्चिकः अकारण ही किसी बात को लेकर परेशान और चिंतित रहेंगे। संतान को कष्ट हो सकता है। खर्चे बढ़ेंगे। 
धनुः धन की प्राप्ति होगी लेकिन खर्च भी होगा जिससे बचत में कमी आएगी। विरोधियों से आपको सावधान रहना होगा, परेशान कर सकते हैं। 
मकरः पारिवारिक जीवन के मामले में यह ग्रहण शुभ फलदायी नहीं दिख रहा है। दाम्पत्य जीवन में आपसी तालमेल की कमी रह सकती है। विदेश और साझेदारी के काम में दिक्कत आ सकती है। 
कुंभः विरोधियों का प्रभाव बढ़ेगा। गुप्त चिंता और परेशानी बनी रह सकती है। जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता से लिए संघर्ष करना होगा। 
मीनः शिक्षा के क्षेत्र में परेशानी हो सकती है। संतान पक्ष को लेकर चिंतित रह सकते हैं। खर्च बढ़ेंगे। कार्यों को पूरा होने में विलंब होगा। 

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