इलेक्शन कमीशन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैठे मीडिया कर्मियों को सोशल मीडिया से कर्नाटक के चुनाव की तारीख मिलने लगीं थी। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ।
ईसी चीफ ओपी रावत से पूछा गया कि आपके बताने के पहले डेटा कैसे लीक हो गया? उन्होंने कहा- जांच के बाद सख्त कार्रवाई करेंगे।
बेंगलुरु. चुनाव आयोग के सामने मंगलवार को कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीख का एलान करते वक्त असहज स्थिति बन गई। वे वोटिंग के दिन का एलान करते उससे पहले एक जर्नलिस्ट ने उन्हें बताया कि सोशल मीडिया पर कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होने की तारीख वायरल हो रही है। भारतीय जनता पार्टी का आईटी सेल कैसे ये जानकारी सोशल मीडिया पर दे रहा है। चुनाव आयोग ने मामले की जांच के लिए अफसरों की कमेटी गठित की है। कमेटी 7 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। दरअसल, भाजपा आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने अपने ट्विटर पर करीब 20 मिनट पहले ही बता दिया था कि इसी तारीख को चुनाव होंगे। दावा सही निकला तो कांग्रेस ने विरोध जताया। पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट करके भाजपा को सुपर इलेक्शन कमीशन तक बता दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने 11 बजे प्रेस कॉन्फेंस शुरू की। पहले चुनावी प्रक्रिया की जानकारी दी। करीब 20 मिनट गुजरे होंगे कि वहां मौजूद पत्रकारों को सोशल मीडिया से चुनाव की तारीखें मिलने लगीं। यह जानकारी भाजपा के आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने दी थी।
- इस पर रावत से सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि वे इसका पता लगाएंगे। इसके बाद उन्होंने अधिसूचना की तारीख 17 अप्रैल और मतदान की तिथि 12 मई बताई। तब पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि चुनाव आयोग के इतिहास में पहली बार हुआ है कि आयोग के एलान से पहले चुनाव की तारीखें लीक हो गईं। यह एक गंभीर मामला है। क्या आयोग इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा। रावत ने फिर कहा कि पहले तथ्यों को सामने आने दीजिए फिर कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा के अमित मालवीय ने क्या ट्वीट किया?
अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा, "कर्नाटक में 12 मई को चुनाव होंगे। 18 मई को नतीजे आएंगे।"
- वोटिंग की तारीख सही निकली, लेकिन नतीजों की गलत। नतीजे 15 मई को आएंगे।
- मीडिया में खबरें आने के बाद मालवीय ने कहा कि उन्होंने एक अंग्रेजी चैनल में देखकर यह ट्वीट किया था। इसके बाद उन्होंने अपना ट्वीट हटा लिया।
मालवीय ने ट्वीय डिलीट कर चुनाव आयोग को सफाई दी
- मालवीय ने कर्नाटक चुनाव की तारीख वाला ट्वीट डिलीट कर चुनाव आयाेग को लेटर लिखकर सफाई दी।
- लेटर में कहा, "मेरी पोस्ट एक न्यूज चैनल की खबर के आधार पर थी। चैनल पर सुबह 11:06 बजे खबर आई और मैंने दो मिनट बाद 11:08 बजे ट्वीट किया।''
- उन्होंने लेटर के साथ अपने ट्वीट, चैनल की न्यूज के अलावा कर्नाटक कांग्रेस के आईटी सेल प्रभारी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट भेजा। जिसमें चुनाव की डेट पोस्ट की गई है।
- मालवीय ने कहा, "कांग्रेस के आईटी सेल प्रभारी ने ठीक उसी समय चुनाव की डेट पोस्ट की जब मैंने की। शायद उन्होंने भी न्यूज चैनल के आधार पर जानकारी दी होगी।''
- "मुझे चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पूरा भरोसा है। ट्वीट से मेरी यह मंशा नहीं थी कि चुनाव आयोग के संवैधानिक अधिकारों में बाधा पैदा की जाए।''
कांग्रेस ने कहा- भाजपा चुनाव आयोग को हुक्म दे रही
- कांग्रेस लीडर मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "अमित मालवीय ने 11 बजे चुनाव की तारीखों वाला ट्वीट किया। इसका मतलब भाजपा मतदान की तारीखों को लेकर चुनाव आयोग को हुक्म दे रही है। मैं अपेक्षा करता हूं कि चुनाव आयोग संविधान और कानून के तहत काम करे और सूचनाएं उजागर न करे। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।"
ऐसा ट्वीट नहीं करना चाहिए था: नकवी
- केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की अनुवाई में एक दल ने चुनाव आयोग के अफसरों से मुलाकात कर डेट लीक मामले में पार्टी का पक्ष रखा।
- नकवी ने कहा, "अमित मालवीय का ट्वीट टीवी चैनलों के सूत्रों के अाधार पर था। उनका चुनाव आयोग की गरिमा को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। कर्नाटक कांग्रेस एक लीडर ने भी यही जानकारी ट्वीट की थी। हम इस बात से सहमत हैं कि उन्हें (मालवीय को) ऐसा ट्वीट नहीं करना चाहिए था।''
ये हैं कर्नाटक चुनाव की तारीखें
नामांकन: 17 अप्रैल
नमांकन पत्रों की जांच: 25 अप्रैल
नामांकन वापसी की आखिरी तारीख: 27 अप्रैल
वोटिंग: 12 मई
नतीजे: 15 मई
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